पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति कब हुई ? कैसे हुई ?

पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति कब हुई ? कैसे हुई ? मानव की उत्पत्ति कहां से हुई ? आदिमानव की उत्पत्ति कैसे हुई ?

 

पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति कब हुई ? कैसे हुई ?
मानव की उत्पत्ति कहां से हुई ? आदिमानव की उत्पत्ति कैसे हुई ? जैसे प्रश्नो को बताने की कोशिश करेंगे।

पृथ्वी का निर्माण लगभग 4 अरब 60 करोड वर्षों से अधिक पुराना है ,इसका विकास परत के विकास से धीरे-धीरे होता गया।

 पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न  लगभग 3 अरब 50 करोड़ वर्ष पूर्व हुई है ऐसा माना जाता है,करोड़ों वर्षों तक जीवन पौधों और पशुओं तक सीमित रहा लेकिन धीरे-धीरे पृथ्वी में बदलाव होते गए एवं पृथ्वि मे मानव का विकास होता गया।

शुरुआत में  लगभग 6000000 वर्ष पूर्व मानवसम(होमोनिड) का दक्षिणी और पूर्वी अफ्रीका में प्रादुर्भाव हुआ माना जाता है।

आदिमानव जो बंदरों से अलग नहीं थे बहुत ज्यादा अलग नहीं थे वे लगभग 3 करोड वर्ष पूर्व पृथ्वी पर प्रकट हुये।

आदिमानव की उत्पत्ति कैसे हुई  ?

मानव के उद्भव में  आस्ट्रालापीथेकस का आविर्भाव सबसे महत्वपूर्ण घटना माना जाता है , जिसका अर्थ होता है दक्षिणी वानर ,यह वानर नर वानर था जो इस प्रजाति में वानर और आज के मनुष्य दोनों का लक्षण विद्यमान था । 

आज ऑस्ट्रेलोपीथिकस का काल  5500000 पूर्व से लेकर 1500000 वर्ष पूर्व माना जाता है यह २ पैरों वाला और उभरा पेट वाला था ।

 इसका दिमाग बहुत छोटे आकार का लगभग 400 क्यूबिक  सेंटीमीटर का था ,ऑस्ट्रेलोपीथिकस  में कुछ ऐसे लक्षण विद्यमान थे जो होमोसेपियंस अर्थात मानव अभी के मानव में पाए जाते हैं ।

ऑस्ट्रेलोपीथिकस सबसे अंतिम पूर्व मानव था इसलिए इसे प्रोटो मानव या आद्य मानव कहा  जाता है।

लगभग 2000000 से 1500000  वर्ष पूर्व मे दक्षिण अफ्रीका में प्रथम मानव माना जाने वाला होमो हैविलिस का प्रादुर्भाव हुआ ,  होमो हैविलिस इसका अर्थ होता है हाथ वाला मानव अथवा कारीगर मानव इन्होंने ही पत्थरों को टुकड़ों में तोड़ कर उसे तरास्कर औजारों के रूप मे इस्तेमाल किया हुआ माना जाता है।

इनका दिमाग से 500 से 700 सीसी था इसके बाद 18 से 16 लाख वर्ष पूर्व पृथ्वी पर सीधे मानव अर्थात होमो इरेक्टस  का आविर्भाव माना जाता है जो हस्त कुठार( हैण्ड ए्क्स) और आग का अविष्कार करने का श्रेय इनको दिया जाता है।

यह एक जगह से दूसरे जगह जाते थे , ये बहुत लम्बी दूरीयाँ तय करते थे, इनके अवशेष अनेक देशों में पाए गए हैं जैसे चीन, दक्षिण एशिया, पूर्व एशिया आदि।

मानव के उद्भव में अगला महत्वपूर्ण चरण था होमोसेपियंस (बुद्धिमान मानव) । आधुनिक जीवन के मानव इनके ही प्रजाति के माने जाते है इनका शरीर छोटा वाला था और इनके मस्तिष्क का आकर 1200 -1800 सीसी था।

आधुनिक मानव अर्थात होमोसेपियंस 115000 वर्ष पूर्व उत्तरी पुरापाषाण काल में दक्षिण दक्षिण अफ्रीका में पाया जाता है इनका आकार बड़ा था इनकी हड्डियां पतली सी थी,ये विभिन्न प्रकार के औजार बनाते थे। अभी तक स्पष्ट किया नहीं हो पाया है कि यह बोल पाते थे या नहीं भाषा ?भाषा का जन्म 35,000वर्ष पूर्व में माना जाता है।

आधुनिक मानव का मस्तिक बड़ा था और  इनकी सोचने समझने की शक्ति ज्यादा थी और यह पहले की अपेक्षा ज्यादा बुद्धिमान था और यह अपने बदलते परिवर्तन मौसम के अनुसार अपने परिवेश को बदलने में सक्षम था।

भारत  उपमहाद्विप सबसे पहले मानव की खोपड़ी पंजाब प्रांत पाकिस्तान के अंतर्गत पोतवार के पठार में प्राचीन जीवास्म प्राप्त हुए हैं, यहां से प्राप्त मानव खोपड़ीयों को रामापीथिकस और सिवापीथिकस कहा गया , इनमे से एक स्त्री का मालूम होता है।

1982 ईस्वी में मध्यप्रदेश की नर्मदा घाटी के अंतर्गत हथनौरा नामक स्थान से मानव की खोपड़ी प्राप्त हुई है इसे होमो इरेक्टस अथवा सीधे मानव खोपड़ी बताया गया है लेकिन इसका सारे शारीरिक परीक्षण करने के बाद पता चला कि यह उसका कंकाल न होकर आद्य होमोसेपियंस का कंकाल माना जाता है

भारतीय उपमहाद्वीप में होमोसेपियंस का कहीं पर भी उनके कंकाल प्राप्त नहीं हुए हैं लेकिन श्रीलंका में होमोसेपियंस के कुछ जीवाश्म मिले हैं या अभी 34000 वर्ष से पूर्व माने जाते हैं इस काल में लोग सीख शिकार और खाद्य संग्रहण का कार्य करते थे।

 माना जाता है किऐसा आधुनिक मानव क्योंकि होमोसेपियंस है वह भारतीय उपमहाद्वीप में लगभग 35000 वर्ष पूर्व अफ्रीका से समुद्र के रास्ते होते हुए भारत में पहुंचे होंगे। 

धन्यवाद……

Leave a comment

Exit mobile version